त्यौहारों का मौसम

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज

24 दिसम्बर 2020

अब जबकि हम त्यौहारों के मौसम में प्रवेश कर रहे हैं, जोकि बाँटने का और देखरेख करने का मौसम है, तो हम देखते हैं कि हवा में ख़ुशियाँ और उत्साह फैला हुआ है। साल के इस समय में, हमें इस मौसम के पीछे के कारण को भी याद रखना चाहिए। इस मौसम में एक ख़ास बात है। इस समय हम अपना दिल अपने साथी इंसानों के लिए खोल देते हैं, और उनका साथ पाने के लिए समय निकालते हैं जिनसे हम प्यार करते हैं और जिनके बारे में हम दूसरों से ज़्यादा सोचते हैं, तथा कोशिश करते हैं कि उन्हें दर्शा सकें कि हम उनके बारे में क्या महसूस करते हैं।

holiday lights Rajinder Singh

इस समय में हम अपने आसपास के लोगों में प्रेम की गर्माहट फैलाते हैं, तथा दूसरों के प्रति अधिक धैर्यवान, सहनशील, और करुणापूर्ण रवैया रखते हैं। इस समय हम अपने आसपास के लोगों को देते, देते, और देते हैं, ताकि उनके जीवन में ख़ुशियाँ आ सकें और उनके बोझ कम हो सकें। इस मौसम की ख़ुशियों की एक वजह भाईचारा, प्रेम, और निस्वार्थ सेवा के ये महान गुण भी हैं, जो अधिकतर लोग साल के इस समय भरपूर मात्रा में दर्शाते हैं।

अगर हम इस मौसम की भावनाओं को धारण कर सकें और फिर साल भर इन सद्गुणों को अमल में लायें, तो हम देखेंगे कि हम जहाँ भी जायेंगे वहाँ ख़ुशियाँ ले आयेंगे। हम अपने जीवन का, और अपने आसपास के लोगों के जीवन का, हर दिन ख़ुश और ख़ास बना पायेंगे। तब जो ख़ुशियाँ और उत्साह हम लोगों में इस मौसम के दौरान देखते हैं, वो साल भर वातावरण में समाई रहेंगी, तथा हम साल का हर दिन अपने लिए और अपने आसपास के लोगों के लिए त्यौहार बना देंगे। मैं प्रार्थना करता हूँ कि हम सबके लिए त्यौहारों का यह मौसम दिव्य प्रेम, दया, और अनंत आनंद से भरपूर रहे।

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लेखक के बारे में

Sant Rajinder Singh Ji sos.org

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को अध्यात्म व ध्यानाभ्यास के द्वारा आंतरिक व बाहरी शांति का प्रसार करने के अपने अथक प्रयासों के लिए अंतर्राष्ट्रीय रूप से सम्मानित किया गया है। साइंस ऑफ़ स्पिरिच्युएलिटी के आध्यात्मिक अध्यक्ष होने के नाते, वे संसार भर में यात्राएँ कर लोगों को आंतरिक ज्योति व श्रुति पर ध्यान टिकाने की प्रक्रिया सिखाते हैं, जिससे शांति, ख़ुशी, और आनंद की प्राप्ति होती है।

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने ध्यानाभ्यास की अपनी प्रभावशाली और सरल विधि को सत्संगों, सम्मेलनों, आध्यात्मिक कार्यक्रमों, और मीडिया प्लैटफ़ॉर्म्स के द्वारा विश्व भर में लाखों लोगों तक पहुँचाया है। महाराज जी अनेक बैस्टसैलिंग पुस्तकों के लेखक भी हैं, तथा उनके ब्लॉग्स, वीडियोज़, गतिविधियों की सूचनाएँ, और प्रेरणादायी आध्यात्मिक कथन नियमित रूप से साइंस ऑफ़ स्पिरिच्युएलिटी के वेबसाइट पर आते रहते हैं: www.sos.org। अधिक जानकारी के लिए और आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए यहाँ देखें। Facebook YouTube Instagram पर संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को फ़ॉलो करें।

अतिरिक्त संदेश

ध्यानाभ्यास एक प्रयासरहित प्रयास है

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जब हम ध्यानाभ्यास करते हैं, तो हमें प्रभु से प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमें वो दें और वो दिखायें जो वे हमारे लिए बेहतर समझते हैं। हमें प्रेम के साथ बैठना चाहिए, जैसे हम एक खाली प्याला हों, ताकि प्रभु हम में अपना दिव्य अमृत उड़ेल सकें।

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अंतर में प्रभु का अनुभव करें

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अगर हम सच में प्रभु को पाना चाहते हैं, तो हमें अपने विचारों को स्थिर करने की आवश्यकता है। हमें केवल अपने अंतर में देखना है। प्रभु का अनुभव करने के लिए हमें अपने शरीर और मन को स्थिर करना होगा। मूल्यांकन करने, या आलोचना करने, या ज़बरदस्ती कुछ पाने की कोशिश करने से हम उस अनुभव से वंचित रह जायेंगे।

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प्रभु में विश्वास

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प्रभु के अदृश्य हाथ की सुंदरता यह है कि कई बार हम सहायता के लिए बहुत अधिक प्रार्थनाएँ करते हैं और हमें वो मिलती भी है। लेकिन कई बार जब हम सहायता माँगते नहीं हैं, तब भी हमें सहायता मिलती है।

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